मिलावट पर निगरानी कमजोर


त्योहार : मिलावट पर निगरानी कमजोर
अनदेखी


संवाददाता गोविन्द दुबे रायसेन



मंडीदीप/दीपावली के पहले मिठाइयों, मावे, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ ही मिलावट की आशंका भी गहरा रही है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरों पर कार्रवाई के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सक्रियता जरूरी है, लेकिन शहर में विभागीय निगरानी अपेक्षित स्तर पर नजर नहीं आ रही है।अमले की कमी के चलते जांच और सैंपलिंग का अभियान सीमित दायरे में सिमटा हुआ है। इससे बाजार में बिक रही खाद्य सामग्री की शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंडीदीप में छोटी-बड़ी 200 से अधिक खाद्य दुकानें संचालित हैं। इनमें मिठाई, मावा, दूध, पनीर, घी, नमकीन और अन्य खाद्य सामग्री की बिक्री होती है। दीपावली सहित प्रमुख त्योहारों के दौरान इन दुकानों पर कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है। बाहर से भी शहर में 200 से अधिक दुकानें, अमले की कमी से जांच व सैंपलिंग सीमित

*पिछले दिनों मंडीदीप में जांच अभियान चलाया गया था। फाइल फोटो*

सिर्फ चार अधिकारियों के भरोसे जांच

जिले की तहसीलों में संचालित 10 हजार से अधिक खाद्य दुकानों की जांच और निगरानी की जिम्मेदारी महज एक स्थायी खाद्य निरीक्षक व तीन प्रभारियों के पास है। स्थायी निरीक्षक को देवरी, सिलवानी, और उदयपुरा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं एक प्रभारी के पास औबेदुल्लागंज, गौहरगंज और मंडीदीप का दायित्व है,

बड़ी मात्रा में सामग्री शहर में पहुंचती है। ऐसे में प्रत्येक दुकान और खाद्य

जबकि अन्य प्रभारी रायसेन सहित आसपास के क्षेत्रों में जांच की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सीमित अमले के सामने इतने बड़े क्षेत्र में हजारों दुकानों का नियमित निरीक्षण करना आसान नहीं है। मंडीदीप में जहां खाद्य कारोबार का बड़ा बाजार है, वहां नियमित निगरानी के लिए पर्याप्त निरीक्षक जरूरी है।
सामग्री की नियमित जांच जरूरी हो जाती है। इसके बावजूद विभाग की
ओर से व्यापक स्तर पर निरीक्षण और सैंपलिंग होती दिखाई नहीं दे रही है।
रहती है मिलावट की आशंका :सीजन में मावे, दूध, पनीर, घी और बेसन से बनी मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। अधिक मांग और मुनाफे की होड़ में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता होने की आशंका भी रहती है। यदि समय रहते संदिग्ध खाद्य सामग्री की जांच नहीं की जाती तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की सेहत पर पड़ सकता है।

इनका कहना है:-

जिले में खाद्य पदार्थों की जांच और सैंपलिंग की कार्रवाई लगातार जारी है। एक सप्ताह पहले मंडीदीप से भी खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए थे। आगामी एक-दो दिनों में शहर में पुनः जांच अभियान चलाकर सैंपल लिए जाएंगे।- धर्मेंद्र नुनईयां, प्रभारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन, रायसेन


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