संत नगर में सफाई व्यवस्था ठप: नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल से बाजारों और रिहायशी इलाकों में पसरा कचरा
अनिल कुमार प्रजापति
संत नगर बैरागढ़ भोपाल
नगर निगम के सफाई और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन ‘काम बंद’ हड़ताल का व्यापक असर संत नगर (बैरागढ़) क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन वृद्धि सहित अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों के कारण पिछले दो दिनों से पूरे उपनगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
बाजारों में पसरी गंदगी, व्यापारी और ग्राहक परेशान
संत नगर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों—मेन रोड, कपड़ा मार्केट, चंचल चौराहा, बस स्टैंड और मिनी मार्केट में दुकानों के बाहर कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं, जिससे व्यापारियों और खरीददारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, ब्लॉक-3, सी-वार्ड, वन ट्री हिल्स और गांधीनगर एप्रोच रोड जैसे रिहायशी इलाकों में भी डस्टबिन ओवरफ्लो हो चुके हैं।
जुलूस निकाल कर जताया विरोध, अन्य सेवाएं भी ठप होने की आशंका
हड़ताल के तहत बैरागढ़ क्षेत्र के सफाई कर्मचारियों ने विसर्जन स्थल से एक विशाल रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। सफाईकर्मियों के साथ-साथ नगर निगम की जलप्रदाय, विद्युत और अतिक्रमण शाखा के कर्मचारियों के भी आंदोलन में शामिल होने से आने वाले दिनों में संत नगर में पेयजल आपूर्ति और अन्य आवश्यक नागरिक सेवाएं ठप होने का खतरा मंडरा रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के अनुसार, वे लंबे समय से नियमितीकरण, संविदा व ठेका प्रथा को समाप्त करने और सम्मानजनक वेतन वृद्धि जैसी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन दे रहे थे। शासन-प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण उन्हें विवश होकर अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल का कदम उठाना पड़ा है।
बीमारियों का खतरा, शासन से शीघ्र समाधान की अपील
त्योहारों के इस मौसम में बाजारों में ग्राहकों की भारी आवाजाही बनी हुई है। ऐसे में जगह-जगह फैले कचरे और दुर्गंध से संक्रामक बीमारियों के फैलने की गंभीर आशंका बन गई है। क्षेत्रीय निवासियों और स्थानीय व्यापारी संगठनों ने नगर निगम प्रशासन व राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र निपटारा करने और सफाई व्यवस्था बहाल करने की पुरजोर मांग की है।

